केजीएमयू मामला: महिला डॉक्टर से दुष्कर्म, गर्भपात और मतांतरण के आरोप में चार्जशीट दाखिल
KGMU case: Chargesheet filed against woman doctor for rape,
लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी(केजीएमयू) में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म, गर्भपात और मतांतरण के मामले में चौक पुलिस ने मुख्य आरोपित डॉ. रमीजुद्दीन नायक, उसके मां-बाप व सहयोगी के खिलाफ आठ सौ पन्नों से अधिक की चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस ने चार्जशीट में दो पीड़िताओं के बयान शामिल किए हैं। साथ ही उसके पास से बरामद तीन लैपटाप से चार टीबी (चार हजार जीबी) डाटा का भी लगाया है।
केजीएमयू के पैथोलाजी विभाग में तैनात डॉक्टर रमीजुद्दीन पर महिला डॉक्टर ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण और मतांतरण का आरोप लगाया था। मतांतरण न करने पर रमीज ने शादी से इनकार कर दिया था, जिससे त्रस्त होकर महिला डॉक्टर ने खुदकुशी की कोशिश की थी।
इस संबंध में पीड़िता की तहरीर पर चौक कोतवाली में पुलिस ने रमीज के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, गर्भपात कराने, धमकी देने, मतांतरण का मुकदमा दर्ज किया था। चौक पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि डॉ. रमीजुद्दीन पहले महिलाओं का हमदर्द बनता था, आर्थिक मदद और करियर में सहयोग का भरोसा देकर करीबियां बढ़ाता था। इसके बाद संबंध बनाकर अश्लील वीडियो तैयार करता और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर दबाव बनाता था।
आरोप है कि इसी दबाव में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और मतांतरण की घटनाएं हुईं, जिनकी पुष्टि साक्ष्यों से हुई है। बरामद लैपटाप की फारेंसिक जांच में सामने आया कि 12 वर्षों से ज्यादा डाटा (चार टीबी) मिला है, जिसमें पांच सौ से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले।
पुलिस जांच के मुताबिक, रमीजुद्दीन पढ़ाई के दौरान से ही दुष्कर्म व मतांतरण जैसे अपराध को अंजाम देने लगा था। चौक पुलिस ने दाखिल चार्जशीट में डॉ. रमीजुद्दीन के साथ उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खतीजा और निकाह में गवाह बने शारिक खान को भी आरोपित बनाया है। इस मामले में इंस्पेक्टर चौक नागेश उपाध्याय के मुताबिक चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। अन्य लोगों के खिलाफ जांच प्रचलित है।
तौर-तरीके न सीखने पर रमीजुद्दीन के मां-बाप गर्म प्रेस तक लगाते थे
पुलिस ने जांच में पाया कि रमीजुद्दीन ने आगरा की रहने वाली एक महिला डॉक्टर को भी प्रेम जाल में फंसाकर उसका शोषण किया गया था। फिर मतांतरण कराकर रमीज ने उससे फरवरी 2025 में निकाह किया था।
विरोध करने पर उसका दो बार गर्भपात कराया गया और वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई थी। उसे रमीजुद्दीन के माता-पिता धीमें-धीमें तौर-तरीके सिखा रहे थे। विरोध पर प्रेस गर्म करके शरीर जलाते थे। इन आरोपों को शामिल करते हुए आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
एक महीने में आई फारेंसिक रिपोर्ट
चौक पुलिस ने डिजिटल उपकरणों को जब्त कर फारेंसिक लैब भेजा था। बार-बार रिमाइंडर और रिकाल कराने के बाद लैब ने एक महीने में रिपोर्ट भेजी है, जिसके आधार पर विस्तृत चार्जशीट तैयार की गई।
जांच अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्य, पीड़िताओं के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर सात धाराओं में आरोप तय किए गए हैं, जिनमें दुष्कर्म, जबरन नशीला पदार्थ पिलाना, गर्भपात और मतांतरण समेत अन्य धाराएं शामिल की गई है।